Travel Quotes In Bhojpuri : जब रउरा कहीं घूमे जावे के मन बनावेनीं, त ओ घरी के अनुभव के संगे-संगे कुछ खास बात भी याद राखे के मन करेला। एह लेख में रउरा सभे के खातिर Travel Quotes In Bhojpuri के एगो खूबसूरत संग्रह मिली।
ई पंक्तियन यात्रा के दौरान मन में आवे वाला एहसास, नया जगह देखे के उमंग आ ओकरा से जुड़ल यादवन के ताजा कर देवे खातिर बा। रउरा सभे के यात्रा के हर पल खास बनावे खातिर Travel Quotes In Bhojpuri के ई संग्रह बहुत उपयोगी होई।
रउरा सभे ई खूबसूरत पंक्तियन के अपना सोशल मीडिया पs शेयर कर सकsतानीं या फिर अपना यात्रा के दौरान के अनुभवन के बर्णन करे में इस्तेमाल कs सकsतानीं। ई Travel Quotes In Bhojpuri रउरा के यात्रा के अनुभव के अवश्य और यादगार बना दीहें।
Travel Quotes In Bhojpuri | भोजपुरिया में यात्रा के सुविचार

दुनिया घूमीं, जहाँ जहाँ मन गइल,
नया जग देखल, बहुत कुछ सीख गइल।
हर सफर एगो नया कहानी कहले,
ज़िंदगी के मतलब हमार निखर गइल।
ई सफर ना रुकी, ना थमीं,
अनोखे रंग ले आई, खुशियाँ भर भर के।
हर राह पे मिले नया साथी,
यादें सहेज लीं, दिल के कपाट खोल के।
नदी का किनारा, पहाड़ का ऊँचाई,
हर नज़ारा एगो अइसन,
ईश्वर के कलाकृति,
देख के मन शांत भईं, शांति मिली।
बीतल पल भुला के, आगे बढ़ीं,
नया सवेरा, नया उम्मीद ले अईले।
दुनिया बड़ी ह, खोजल बाकी बा,
सफर प निकलीं, जिया के मज़ा लीं।
कभी समंदर के लहर, कभी रेगिस्तान के टीला,
हर रंग बिखरले, ई दुनिया ह अइसन।
ईश्वर के खेल बड़ी निराला,
देख के मन भईले अचल।
राही के सफ़र, मंज़िल के खोज,
हर कदम पे एगो नया अनुभव।
दुनिया बड़हन, अजब गजब,
देखत रह जाईं, हर पल।
सूरज उगलें, चांद चमके,
रात-दिन एक नया गीत गावे।
ई सफर में सब कुछ सिखल,
जिंदगी के हर रंग पावे।
दूर देसवा में, अपना घर से,
मनवा उड़े, पंख फैलाए।
नया ज़मीन, नया आसमां,
हर पल एक नया अहसास पाए।
कहाँ का घर, कहाँ का ठिकाना,
सफर में ही असली ज़िंदगी,
दुनिया देखे के खातिर,
चले पड़ो, बिना कीनो बहाना।
पर्वत के चोटी, घाटी के गहराई,
हर एगो अइसन,
ईश्वर के रचना,
देख के दिल गदगद हो जाई।
Travel Quotes In Bhojpuri Shayari | यात्रा पर भोजपुरी शायरी और विचार

सफ़र का लुत्फ़ उठाओ, मंज़िल की फिक्र छोड़ दो,
रास्तों की कहानी, दिल से तुम पढ़ लो।
हर कदम पे इक नया रंग, इक नया नज़ारा,
ज़िंदगी का सफ़र है, बस चलते जाओ यारा।
नई राहें, नए मंज़र, दिल को सुकून मिले,
जब सफ़र पे निकलें, तो ख़ुशियाँ चमन खिले।
दूर जाना है, नई दुनिया को देखना है,
सफ़र की बहारों में, खुद को यूँ ही बहना है।
पहाड़ों की ऊँचाई, समंदर की गहराई,
सफ़र में ही मिलती है, सच्ची सच्ची सच्चाई।
ये राहें हमको सिखातीं, ज़िंदगी का फ़लसफ़ा,
चलते रहो, बढ़ते रहो, यही है सफ़र का मजा।
जो छोड़ के घर को निकल पड़े,
अनोखे रंग जहाँ के वो चढ़े।
सफ़र की अपनी अलग ही कहानी,
हर पल में इक नई रवानी।
दूर देश की हवाएँ, बुला रही हैं हमको,
सफ़र के संगी साथी, आवाज़ दे रहे हमको।
नज़र में इक ख़्वाब है, दिल में है उम्मीद,
नए सफ़र पे चलें, मिटा के सारी ग़मगीन।
हर मोड़ पे इक अजनबी, इक नया चेहरा,
सफ़र का सफ़र है ये, क्या है इसका पहरा।
बातें होंगी, मुलाक़ातें होंगी, यादें बनेंगी,
सफ़र की राहों पर, दास्तां यूँ ही चलेंगी।
जो मन का बोझ हल्का करना हो,
तो सफ़र पे निकलना, ऐ मेरे दोस्त।
नया नज़ारा, नई हवा, सुकून,
मिटा दे सारी चिंताओं का जून।
सफ़र है इक तजुर्बा, इक अनमोल रतन,
ज़िंदगी का हर लम्हा, बने इक नया जनम।
चलते चलते राहों में, सीखते हैं हज़ार,
सफ़र का साथी बन, कर लो स्वीकार।
ये सफ़र ही है असली, ये राहें ही हैं जान,
इनमें ही छुपी है, हर पल की मुस्कान।
नदी सी बहते जाओ, सागर से मिल जाओ,
सफ़र की इस दुनिया में, खुद को तुम पा जाओ।
पगडंडी पर चलते, मन मेरा हर्षाए,
अनोखी सी दुनिया, मुझको दिखलाए।
हर क़दम पे इक ख़्वाब, आँखों में समाए,
सफ़र का सफ़र है ये, मुझको खींचे जाए।
जब निकले घर से दूर, न रुकना, न थमना,
सफ़र की डोर थामे, चलते जाना, संभलना।
नज़रें जहाँ तक जाएँ, मंज़िल का इशारा,
हर सफ़र की दास्तां, है बहुत ही न्यारा।
हर नया शहर, इक नई कहानी,
सफ़र में ही है, ज़िंदगी की रवानी।
अजनबी चेहरों में, अपनों को ढूंढें,
सफ़र के रंग में, खुद को रंग लें।
ये सफ़र भी एक नशा है, जो चढ़ जाए,
आँखों में ताज़गी, दिल में सुकून लाए।
न जाने कहाँ ले जाए, ये राहें,
बस चलते रहो, मिटा के सारी आहें।
दूर क्षितिज की ओर, मन मेरा भागे,
सफ़र की पुकार पर, हर पल जागे।
नया सवेरा, नई उम्मीद,
सफ़र की राहों पर, जीवन है सईद।
पगडंडियाँ बुलाईं, छोड़ के सारा काम,
सफ़र के संगी बन, करें कुछ आराम।
नज़ारे हैं मनमोहक, हवाएँ हैं पुरसुकून,
सफ़र में ही है, ज़िंदगी का असली जून।
जब मन करे थोड़ा, दुनिया को घूमना,
तो सफ़र के साथी बन, सब कुछ भूलना।
नया तजुर्बा, नई सीख,
सफ़र की कहानी, है कितनी अतीक।
सफ़र का मतलब है, खुद को पाना,
हर राह में, इक नया गीत गाना।
बदलती फिज़ाओं में, बहते जाना,
ज़िंदगी का सफ़र, यूँ ही बिताना।
हर शहर की अपनी, एक जुदा सी बात,
सफ़र का साथी बन, कट जाए रात।
अजनबी गलियों में, दोस्ती की तलाश,
सफ़र का सफ़र है ये, क्या है इसका राज।
ये सफ़र हमें सिखाता, जीना हर पल,
नए रंगों से भरता, हमारा आँचल।
राहों की कहानी, दिल में बसा लो,
सफ़र का लुत्फ़, तुम भी उठा लो।
खुले गगन के नीचे, उड़ते परिंदे,
सफ़र की राहें, हमको भी बुलाएं।
न कोई बंदिश, न कोई रोका-टोकी,
सफ़र की दुनिया, है कितनी लोकी।
Short Travel Quotes In Bhojpuri | छोट छोट यात्रा के भोजपुरी में कहावतें

घूमे फिरे मन हमार
नया जगह देखल चाहत बानी
जींदगी के हर पल
यादगार बनावत बानी।
सफर शुरू हो गईल बा
यादें संग लेके चल देनी
मंज़िल की तलाश में
नया सवेरा देखनी।
ई दुनिया ह बड़गर
घूम के इ जान ली
हर पेंदा पे एक कहानी
दिल से पहचान ली।
ई रेलगाड़ी के पहिया
नया रस्ता देखावे
मन के पंखी खोल के
ऊँच उड़ान भरावे।
सामान बांध ले
चलो कहीं दूर,
जहां मिले शांति
और असीम नूर।
रास्ता चाहे जवन हो
परवा ना होई,
ई यात्रा हमार
खुशी से भर जाई।
नदी, पहाड़, मैदान
सबके देखीं,
ई दुनिया के रंग
आँखी में समेटीं।
कल की चिंता छोड़ीं
आज का आनंद लीं,
घूम के इ जींदगी
खुशी से भर लीं।
अजनबी शहर, अजनबी लोग
मिलन होला,
ई यात्रा के बहाने
रिश्ता बने होला।
सूरज डूबे, चंदा निकले
सफर चलता रहे,
मन में एक आस
नई उम्मीद जगावे।
हर कदम एगो सीख
हर मोड़ एगो अनुभव,
ई यात्रा जीवन के
अनमोल बा सब।
जे मन में हस जुवान
ओकरा के न रोको,
चलो दुनिया घूमे
आओ, ऐश को जी लो।
बैग उठाओ, चल पड़ो
देखा दुनिया के नज़ारा,
ई यात्रा ह एगो
खुशियों का पिटारा।
धूल उड़ाईं, हवा संग
हम भी लहराईं,
ई असीम दुनिया में
खुद को खो जाईं।
ई सफ़र सिखावे
हर रंग, हर ढंग,
जींदगी के मतलब
समझाए संग-संग।
नया मौसम, नया मिजाज
सब कुछ अपना लागे,
घूमे फिर से मन
नई दुनिया बुलावे।
पहाड़ के ऊँचाई
समंदर के गहराई,
ई सब देख के
सोच बदल जाई।
घूमते घामते
सब गम बिसर जाई,
मन के खुशी
हर पल बढ़ जाई।
टिकट लेके चल दीं
नया सफ़र पे,
ई दुनिया ह बड़ी,
घूम लें कुछ घर्।
चलने का नाम जींदगी
रुकना तो मौत,
ई यात्रा हमें
जीना सिखवे रोज।
Funny Travel Quotes In Bhojpuri | यात्रा के फनी कोट्स भोजपुरी में

सफर में निकले हैं, जेब में न है दम,
फिर भी हँस रहे, यही है असली गम।
फोटो खिंचवाएँगे, स्टेटस मारेंगे,
घूम के जब आएँगे, तब बिल भरेंगे।
ट्रेन में सीट मिली, या मिली प्लेटफार्म,
चिंता छोड़ो यार, मजे लो हर मोमेंट।
कभी चाट का ठेला, कभी समोसे की शान,
पेट रहे खुश तो, सफर है महान।
ऊपर हवा का झोंका, नीचे भीड़ का शोर,
सोचा था शांति मिलेगी, आ गए और।
सामान भारी, हाथ में चप्पल,
कहाँ फँस गए यार, ये कैसा है जंगल।
खाना खाकर सोचे, कहाँ हो गए हम?
ये कौन सा शहर है, या किसी का है घर?
नक्शा देखा, सिर खुजलाया,
लगता है रास्ता कहीं और ही लगाया।
पहुँचे हैं ऐसे, जहाँ नेटवर्क नहीं,
दोस्तों को क्या बताएँ, ये कैसी है तपी?
तस्वीरें सहेज कर, मन में रख लो,
वापस आकर सब कहानी कह लो।
होटल में कमरा, या मिला गेस्ट हाउस,
पानी गरम है या, बस है आउट ऑफ द हाउस?
चादरें थोड़ी मैली, पर चलता है काम,
बस सो जाएँ जल्दी, कल सुबह का है नाम।
घूमने निकले थे, दिल की खुशी के लिए,
पर अब लग रहा है, घर की तड़प के लिए।
ये कैसा है मंजर, ये कैसी है बात,
जल्दी घर पहुँच जाएँ, कर लें मुलाकात।
टिकट बुक किया था, एसी का यार,
मिल गया जनरल, कर रहा है वार।
लोगों की भीड़ में, घुटन सी हो रही,
सोच रहा हूँ, ये कैसी यात्रा सजी।
पहाड़ की चोटी पर, पहुँच के देखा,
नीचे सब छोटे, जैसे कोई रेखा।
साँस चढ़ गई, पर मजा आ गया,
थोड़ा और ऊपर, मन कह रहा था।
समुद्र किनारे, रेत पे पैर,
लहरें आ रही, कर रही हैं फेर।
मन में शांति, पर पैर गीले,
ये कैसा मज़ा है, जो मन को खींचे।
पहुँचे हैं मंदिर, माथा टेकने,
पर भीड़ इतनी, कि हिलना मुश्किल।
सोचा था शांति मिलेगी,
यहाँ तो और शोर, मन घबराएगा।
खरीदारी करने निकले, कुछ तो खरीदें,
दुकानें हैं इतनी, कौन सी में घुसें?
दाम सुन के, होश उड़ गए,
सोचा, वापस ही चलते हैं।
स्थानीय खाना, चखने का इरादा,
पहला निवाला, लगा कुछ ज्यादा।
मसाला तेज, या तीखापन,
पेट बिगड़ गया, क्या करें अब मन।
गाड़ी मिली, पर ड्राइवर नहीं,
घूमने निकले, अब क्या करें भई?
बस में चढ़े, वो भी खचाखच,
ये कैसी यात्रा, ये कैसा है चक्च।
लोग कह रहे थे, ये जगह जन्नत है,
पर यहाँ तो कीड़े-मकोड़े, क्या हकीकत है?
मच्छर काट रहे, गर्मी सता रही,
फोटो तो अच्छी आई, पर हालत तो जा रही।
बस की सीट पर, सो गए थे,
सपनों में घर, हम खो गए थे।
जाग के देखा, अभी तो आधा रास्ता,
ये कैसी यात्रा, क्या है इसका वास्ता।
पहुँच गए किसी गाँव, जहाँ सब सोए,
सोचा था स्वागत होगा, पर कोई न रोए।
अकेले ही घूमे, अकेला ही लौटे,
ये कैसी यात्रा, जिसमें सब खोटे।
कैमरा साथ लाए, फोटो खूब खींचें,
पर जब देखा, सब धुंधले, कौन देखे?
या तो लाइट कम थी, या हाथ कांप रहे,
ये कैसी यादें, जो मन को तांप रहे।
वापस घर को चले, दिल में उम्मीद,
फिर कभी न आएँगे, ये है हमारी रीत।
पर जैसे ही ट्रेन चली,
सोचा, फिर से चलेंगे, ये दुनिया है बड़ी।
बस यही है सफर, कभी हँसी, कभी रोना,
यादें बन जाती हैं, कभी मीठा, कभी खोन।
चलो यार, जी भर के जी लें,
हर पल को खुशियों से भर लें।
Conclusion
ई लेख में रउरा सभे के यात्रा से जुड़ल कुछ खास बात बताईल गईल बा। Travel Quotes In Bhojpuri के मदद से रउरा सभे अपना सफर के अनुभवन के बयां कर सकत बानी, जे केहू के मन मोह लिही।
ई पंक्तियन यात्रा के दौरान मन के सुकून आ नया अनुभवन के एहसास करावेला। Travel Quotes In Bhojpuri के इस्तेमाल करके रउरा सभे अपना यात्रा के यादें के हमेशा खातिर सहेज सकत बानी, जवन बहुत अनमोल होला।
आशा बा कि एह संग्रह से रउरा सभे के यात्रा के अनुभव आवे वाला समय में और बेहतर होई। Travel Quotes In Bhojpuri के माध्यम से अपना यात्रा के कहानी के दुनिया के संगे साझा करे के ई एगो खूबसूरत तरीका बा।

