सूरज के ढलने का खूबसूरत नज़ारा हर किसी को भाता है। इस लेख में हम आपके लिए लाए हैं Sunset Quotes In Bhojpuri, जो शाम की शांति और सुंदरता को बयां करते हैं। ये अनमोल विचार आपको प्रकृति के करीब महसूस कराएंगे।
शाम का आकाश रंगों से भर जाता है, जो मन को मोह लेता है। इन Sunset Quotes In Bhojpuri में आपको डूबते सूरज के साथ जुड़ी भावनाएं मिलेंगी। ये पंक्तियाँ शांति और सुकून का एहसास कराती हैं।
आप इन खूबसूरत Sunset Quotes In Bhojpuri को अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा कर सकते हैं। इन्हें आप अपने सोशल मीडिया स्टेटस के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह शाम की सुंदरता को महसूस करने का एक शानदार तरीका है।
Sunset Quotes In Bhojpuri | भोजपुरी में सूर्यास्त के पंक्तियाँ

डूबत सूरज कहत बा बात ई पुरान
अन्हार के बाद फेर होई बिहान
थकल मन के थोड़ा सुस्ताए दऽ
ई साँझ के सुघराई के मुस्काए दऽ
लालिमा ई गगन में कइसन छाइल बा
दिन भर के मेहनत के थकावट आइल बा
सूरज भी अब अपना घर के जा रहल बा
सुकून के एगो मीठ संदेश ला रहल बा
साँझ के ई बेला में मन गदगद हो जाला
सूरज जब चुपके से पहाड़ पीछे सो जाला
रंग हजार बिखरल बा आसमान के कोना में
अजबे सकून बा ई डूबत सूरज के सोना में
दिन भर के शोर अब धीरे से थम जाई
चाँदनी के चदरा अब सब पर जम जाई
सूरज विदा लेत बा मुसकुराहट के साथे
कल फिर आवे के वादा ई कहत बा माथे
सुरुज देव जब अपना घर के ओर भागे लें
आसमान में कइगो सतरंगी रंग जागे लें
उम्मीद के दीया तू अपना मन में बारिहऽ
काल्ह के नया दिन खातिर खुद के संवारिहऽ
डूबत भइल सुरुज भी कतना सुंदर लागे ला
थकल हारल पंछी भी अपना बसेरा भागे ला
प्रकृति के ई खेल देख के मन हरषा जाला
साँझ के सुरमई रूप सबके मन के भा जाला
धूप के तपिश अब धीमा हो गइल बा
आसमान सवा सेर सोना हो गइल बा
सूरज के विदाई में अजब सा एगो प्यार बा
नया सवेरा खातिर मन बेकरार बा
क्षितिज पर छाइल ई सिंदूरी रंग बा
साँझ के हवा में एगो अलग उमंग बा
दिन ढलल तऽ का भइल घबराए के नइखे
अन्हार से डर के अब पीछे हटाए के नइखे
पहाड़न के ओट में सुरुज जब लुका जाला
सब केहू अपना-अपना डगर पर रुक जाला
ई डूबत भइल शाम बहुत कुछ सिखावेला
अंत के बाद ही तऽ नया शुरुआत आवेला
तारा गिने के अब बेरा आ गइल बा
गगन में गजबे सन्नाटा छा गइल बा
सूरज के ई रक्तिम आभा मन मोह लेवेला
सब दुख-दरद ई अपना साथ धो लेवेला
नदी के पानी में जब सूरज के परछाईं लौके
अइसन लागे जैसे सोना के कोई खान चौंके
प्रकृति के हर रंग में एगो जादू बसल बा
साँझ के ई बेला में कवनो मीठ रस घुलल बा
आसमान के लाली कहत बा कहानी मधुर
सुरुज विदा होखत बा छोड़ के निशानी मधुर
दिन भर के भाग-दौड़ अब शांत हो जाई
चुपके से सगरो दुनिया अब सो जाई
अन्हार के आवे से तू कबहूँ ना डरिहऽ
सूरज के उगे के इंतज़ार सबर से करिहऽ
ढलत सूरज भी देला एगो पैगाम निराला
हर रात के बाद मिलेला सुबह के उजाला
साँझ के लाली जैसे दुल्हन के शरम बा
हवा में ई नरमी जैसे कवनो करम बा
सूरज के किरन अब विदा माँग रहल बा
सगरो जग अब सुस्ताए के चाह रहल बा
थकल पाँखी जब अपना घोंसला में आवेली
साँझ के ई लोरी मधुर स्वर में गावेली
सूरज डूबल तऽ मन के उदास मत करऽ
कल के सुनहरी धूप के आस मत छोड़ऽ
पच्छिम दिशा में जब सूरज गइले समाई
सगरो जगत में एगो शांति छाई
कुदरत के ई करिश्मा कतना हसीन बा
डूबत सुरुज भी देखन में रंगीन बा
सूरज ढले ला तऽ चाँद के रस्ता खुले ला
अन्हार में ही तऽ सितारा के हस्ती खुले ला
ढलती शाम के तू खुशी-खुशी स्वीकार करऽ
अपना भीतर के ज्योति से संसार उजियार करऽ
सिंदूरी गगन पर बादलन के पहरा बा
साँझ के ई एहसास बहुत ही गहरा बा
सूरज के विदाई में कवनो गम के बात नइखे
बिना ढलले कबहूँ होखत नया प्रभात नइखे
मन के मंदिर में शांति के दीप जला लऽ
साँझ के ई सुघराई के दिल में बसा लऽ
सूरज देवता अब आराम करे जात बाड़ें
नया दिन के किरण संगे आवे के कहत बाड़ें
गगन के कोना-कोना लाल भइल बा
साँझ के महफिल में कमाल भइल बा
डूबत सूरज के प्रणाम करीं हाथ जोड़ के
सब फिकर के बात अब पीछे छोड़ के
Sunset Quotes In Bhojpuri Funny

| भोजपुरी में भईल सनेस के मजेदार पंक्तियाँ
सूरज बाबा अब घरवा जा तानी
साँझ भईल बा अब सुते जा तानी
दिन भर कइलीं बड़ी मारामारी
अब लोटा थरिया लेके खाये जा तानी
लाली देख के सूरज के मन ललचाइल
लगता कि केहु के गाल खिसियाइल
अन्हार होखत बा अब लाइट जरा द
मच्छर के फौज अब हमला बोल आइल
सूरज डूबल त मन में भईल भारी
अब शुरू होई घर के सब खिचातारी
दिन भर त धूप में जरी गेल देहिया
अब पंखा के नीचे सुती बारी बारी
साँझ के बेला बा मन मुस्कुरात बा
सूरज दादा के विदाई के दिन आवत बा
चाय पिए के अब बेला भईल बा
बिस्कुट के संगै पेट भी सुहात बा
अन्हार भईल त डरे के कवनो बात नईखे
सूरज के बिना दुनिया में कवनो साथ नईखे
खाली ई मच्छर लोग के भिनभिनाहट बा
बाकी रात में त कवनो ओइसन बात नईखे
सूरज के लालिमा जइसे लाल मिर्च बा
दिन भर के धूप जइसे कवनो खर्च बा
अब त घर जाके चादर तान के सुतय
काहे कि रात भर सपना के ही चर्च बा
डूबत सूरज देख के ई मन कहलस
दिन भर के बोझ अब त कम भईल
अब घरवाली के बेलन से बाचे के बा
काहे कि घर जाये के अब टाइम भईल
सूरज दादा के मुँह कइसे लाल भईल बा
लगता कि केहु से झगड़ा के हाल भईल बा
चुपचाप अब नीचे उतर के चल जईहें
काहे कि चाँद के अब कमान भईल बा
साँझ भईल त गली में कुत्ता भोकत बा
सूरज दादा के जाये से केहु रोकत बा
मुफ्त के रोशनी अब बंद हो जाई
अब बिजली बिल के मीटर टोकत बा
सूरज डूबल त दुनिया अन्हार भईल
कामचोर लोगन के त अब बेड़ा पार भईल
दिन भर जे सुतल रहल ओकर का कहना
अब रात भर जगे के ओकर विचार भईल
लाली देख के सूरज के गरमाईल बा
काहे कि ओकरा के भी घर जाये के आइल बा
दिन भर दुनिया के खूब तपावल बा
अब ओकरा के भी तनी नींद सतावल बा
सूरज के डूबना जइसे छुट्टी के घंटी बा
दिमाग के नस में अब कवनो न टंकी बा
खाना खइला के बाद अब नींद आई
सपना में देखीं जइसे कवनो मयंकी बा
अन्हार होत बा अब चश्मा उतार द
सूरज के विदाई में तनी ढोल बजा द
दिन भर के थकावट अब खतम होई
बिछौना पर जाके तनी देह पसार द
सूरज गेल त चाँद चचा आइल बा
आसमान में तारा के फौज छाइले बा
पॉकेट खाली बा फिर भी सुकून बा
काहे कि रात के ठंडा पवन आइले बा
दिन भर त धूप में चउपट भईलीं
सूरज के गर्मी से त पउपट भईलीं
अब साँझ भईल त राहत मिलल बा
बिना पंखा के त आफत भईलीं
सूरज के लाली बा बहुते हसीन
लेकिन पेट माँगता अब त नमकीन
साँझ के बेला में चाय ना मिली
त जियना हो जाई एकदम गमगीन
सूरज भागल जात बा जइसे उ चोर बा
चारों तरफ अब त अन्हार के जोर बा
चुपचाप जाके अब सुत जाय के बा
काहे कि सवेरे फिर होखे वाला शोर बा
डूबत सूरज के फोटो त सब खींचेला
अपना के बड़ा भारी फोटोग्राफर समझेला
घर जाके जब बीवी से डाँट पड़ी
त सारा फोटो वाला भूत उतर जाई
सूरज दादा अब विदा हो तानी
अन्हार में हमनी के छोड़ जा तानी
सवेरे फिर आईब ई वादा कइनी
तबे त चुपचाप अब घर जा तानी
साँझ के बेला में ई मन बौराय बा
सूरज के देख के तनी मुस्कुराय बा
दिन भर के रोटी के जुगाड़ भईल
अब सुते के खातिर ई जिया अकुलाय बा
Short Sunset Quotes In Bhojpuri | भोजपुरी में छोटा सूरज डूबेला के पंक्तियाँ

डूबत सूरज क लाली सगरो बिखर गइल बा
आकास क रंग जइसे सोना नियर निखर गइल बा
साँझ के ई बेला मन के बहुत सुकुन देला
दिन भर के थकान एगो पल में धो देला
सूरज धीरे-धीरे पहाड़ के पीछे जा रहल बा
अन्हार के पहिले सुघर सन्देश ला रहल बा
बिहान फेर उगी ई भरोसा दिला रहल बा
हर दुख के बाद सुख जरूर आवेला बता रहल बा
साँझ के लाली देख के मन गदगद हो जाला
प्रकृति के ई रूप देख के सब दुख खो जाला
सूरज के विदाई में भी एगो अजब सा बात बा
शांत सवेरा खातिर ई एगो छोटका रात बा
खेत खलिहान में अब सन्नाटा छा रहल बा
सूरज देवता अब विदा हो के जा रहल बाड़े
पंछी सब चहचहात अपना घर के ओर उड़ेले
साँझ के ई दृश्य देख के सब के मन जुड़ेले
सगरो दुनिया में अन्हार के पहरा हो जाई
साँझ के बाद रात के रंग गदरा हो जाई
डूबत सूरज भी जइते-जइते चमक छोड़ जाला
नया उम्मीद के संगे काल के डगर जोड़ जाला
गंगा किनारे जब सूरज नीचे के ओर झुकेला
एगो सुंदर कविता जइसे रूह में आ के रुकेला
पानी के लहरन पर जब लाली चमके लागेला
मझधार में नाव जइसे सपना बन के दमक देवेला
सूरज के ढलल भी एगो कला के बात बा
हर अंत के पीछे एगो नया शुरुआत बा
आज डूबल बा त बिहान फेर से मुस्कुरई
पूरी दुनिया के नया रोशनी से फिर सजाई
अम्बर के रंग अब गुलाबी और पीला हो गइल
सूरज के डूबते ही मौसम जइसे रसीला हो गइल
दिन भर के धूप अब ठंडक में बदल रहल बा
चुपचाप ई समय बस सुकुन में ढल रहल बा
साँझ के समय मन के शांति बहुत जरूरी बा
ई दृश्य देखला बिना दिन के कहानी अधूरी बा
सूरज के ई विदाई आखिन के बहुत भावेला
थकल हारल मन के फेर से ताकत दिलावेला
आकास में लाली के एगो चद्दर बिछ गइल बा
सूरज के तेज अब धीरे-धीरे खिच गइल बा
प्रकृति के रंग में रंगल ई शाम मस्तानी बा
धरती और आसमान के ई जुग-जुग के कहानी बा
जब सूरज डूबेला त मन में एगो याद आवेला
बीतल हर पल जइसे फिर से जी उठे के मन करेला
साँझ के इ बेला कवनो जादू से कम नईखे
जेकरा पास सुकुन बा ओकरा के कवनो गम नईखे
धीरे-धीरे सूरज अब ओझल हो के छिप गइल
सगरो तरफ अन्हार धीरे-धीरे आ के टिक गइल
पर ई विदाई कवनो हार के निशानी नईखे
बिहान के नया सूरज खातिर ई एगो कहानी बा
नदी के किनारे बैठ के जब सांझ के देखिला
अपना सब दुख दर्द हम किनारे फेंक देहिला
सूरज के विदाई में भी एगो अजब मुस्कान बा
ई प्रकृति के सवसे बड़हन और सुंदर वरदान बा
सांझ के लाली में एगो अलग सुकून मिल जाला
मुरझाइल चेहरा पर भी मुस्कान खिल जाला
दिन भर के भागदौड़ अब थमे के तैयारी बा
रात के गोद में सोये के अब सभकर बारी बा
सूरज क ढलना जइसे जिनगी क सच्चाई बा
हर ऊँचाई के बाद एगो छोटहन ढलाई बा
पर हिम्मत ना हारे के चाहीं कवनो हाल में
नया सवेरा छिपल बा बस ई अन्हार के जाल में
पंछी चहचहा के अपना घोंसला में आ गइल
सूरज भी अपना घरवा में अब समा गइल
सगरो गांव में अब दीया बाती जरत होखी
सांझ के सुघर बेला में सब के मन भरत होखी
सूरज के डूबना एगो वादा बा सवेरा खातिर
थोड़ा सा इंतज़ार करे के पड़ी बसेरा खातिर
अन्हार के डर से कहियो पीछे मत हटिह
सांझ के बाद ई अन्हार भी एक दिन जरूर छँटिह
सांझ के ई बेला में अजब एगो खामोशी बा
सूरज के लाली में भी एगो मीठ मदहोशी बा
मन के कोना में एगो नया आश जग जाला
जब ई सुंदर शाम आँख के सोझा आ जाला
दिन भर के मेहनत के बाद ई शाम मिलल बा
जैसे कड़ा धूप के बाद कवनो फूल खिलल बा
सूरज के विदाई देख के मन भर आवत बा
प्रकृति क सुघराई देख के आँखि तरसावत बा
सूरज के ढलल देख के उदास मत होखब
अन्हार के देख के अपना आस मत खोखब
काल्ह फेर उगी सूरज नया रोशनी के साथे
खुसहाली लेके आई ऊ अपना दुनो हाथे
Conclusion
सूरज के ढलने का नज़ारा बड़ा मनमोहक होता है। Sunset Quotes In Bhojpuri हमें प्रकृति के इस खूबसूरत पल की याद दिलाते हैं। ये अनमोल पल शांति और सुकून का एहसास कराते हैं।
शाम की ख़ूबसूरती को महसूस करने के लिए Sunset Quotes In Bhojpuri से बेहतर क्या हो सकता है। ये हमें जीवन के हर पल को जीने की प्रेरणा देते हैं।
हर शाम एक नई उम्मीद लेकर आती है। Sunset Quotes In Bhojpuri इस उम्मीद को और भी खास बना देते हैं।

